Tuesday, September 4, 2018

सफलता

नमस्कार मित्रों,

शिव खेड़ा ने अपनी किताब 'जीत आपकी' में लिखा है "जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते वे हर काम अलग ढंग से करते हैं'
हम ऐसे लोगों को मिलते हैं अपनी जिंदगी में किस्मत के सहारे ही रहते हैं और कहते हैं कि जो मिलेगा वह किस्मत में है तो वह मिल जाएगा और उसको वह मान भी लेते हैं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें कामयाबी तुक्के से मिल जाती है। और ज्यादातर लोग ना खुश होते हैं और हताशा में ही जिंदगी गुजार देते हैं।
अपने जीवन में कुछ योजना बना बना कर रखिए और उन पर आपको तीन बातों का ख्याल रखना पड़ेगा:
1 आप क्या हासिल करना चाहते हैं।
2 किस तरह से उसे हासिल करना चाहते है।
3 कब तक हासिल करना है।
यह तीन बातें जीवन का मूल है और बहुत महत्वपूर्ण है जीवन में सफलता पाने के लिए निश्चित रूप से जीत आपकी ही होगी।
सफल होने के लिए आपको अपना नजरिया सकारात्मक बनाना होगा। प्रतिदिन खुद को और दूसरों को भी प्रेरित करना होगा। अपने स्वाभिमान को सकारात्मक बनाना होगा। आपसी मेलजोल पर बढ़ावा देना होगा अच्छी आदतें बनानी होगी। अच्छा चरित्र बनाना होगा इस प्रकार अपना लक्ष्य बनाइए और उसको हासिल कीजिए।
हम सकारात्मक सोच की बात करते हैं । आपको ताज्जुब होता ही होगा कि दिन-प्रतिदिन कुछ व्यक्ति, कुछ कंपनियां, कुछ देश दूसरे के मुकाबले में ज्यादा कामयाब हो जाते हैं । ऐसा क्यों है यह कोई राज नहीं है। यह स्पष्ट है, खुली बात है । ऐसे लोगों के सोचने का नजरिया अलग होता है काम करने का तरीका अलग होता है और वह विजय होते हैं । जीतने वाले कोई अलग काम नहीं करते वे हर काम अलग ढंग से करते हैं, यह सच है।
अनुभव के आधार पर यह है पता चलता है कि व्यवसाय में सबसे जरूरी और कीमती संसाधन क्या होता है ? वह होता है - इंसान और इसकी कीमत तो पूंजी और मशीनों से भी ज्यादा होती है । इसकी महत्ता दूसरे संसाधनों से भी अधिक होती है । परंतु दुर्भाग्यवश यह संसाधन जिसका नाम इंसान है वह व्यर्थ चला जाता है । आदमी ही आप की सबसे बड़ी पूंजी है और सबसे बड़ा बड़ा बोझ भी हो सकता है।
फ्रांस के एक चिंतक ने जिसका नाम ब्लेज पास्कल है। उसके पास एक आदमी आया और कहने लगा कि " अगर मेरे पास आपका जैसा दिमाग होता तो मैं एक बेहतर इंसान बन सकता हूं।" तब पास्कल ने उसको जवाब दिया "एक बेहतर इंसान बनो तुम्हारा दिमाग खुद पर खुद मेरे जैसा हो जाएगा।"
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के द्वारा एक अध्ययन के दौरान पाया गया है कि जब कोई व्यक्ति नौकरी पाता है तो इसमें 85% हिस्सेदारी उसके नजरिए की होती है, उसकी सोच की होती है और बाकी 15% उस व्यक्ति की स्मार्टनेस और काम की जानकारी शामिल होती है । आश्चर्य की बात तो यह है कि पढ़ाई पर खर्च होने वाली पूरी की पूरी सौ प्रतिशत राशि धन इसी स्मार्टनेस पर खर्च हो जाती है जबकि सफलता में उस की सिफारिश में 15% होती है।

वर्तमान में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन श्री अश्वनी लोहानी जी को ही देखिए एक बहुत सफल इंसान है सफलता उनके चरण चूमती है। जिस क्षेत्र में भी जाते हैं उस क्षेत्र में सफलताओं का द्वार खुल जाता है । वह कोई अलग काम नहीं करते परंतु वह हर काम को अलग ढंग से करते हैं। उनकी सोच सकारात्मक है,  सबको साथ लेकर चलते हैं,  सकारात्मक स्वाभिमान है उनका और दूसरे के स्वाभिमान का सम्मान करते हैं। मुझे गर्व है कि मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम सेवा की अवधि में मैं श्री लोहानी जी का विशेष कर्तव्य अधिकारी (OSD) के रूप में मुझे काम करने का अवसर मिला है और उनको नजदीक से जाना है।