|| मध्य प्रदेश पर्यटन निगम द्वारा नहीं मनाया अपना जन्म दिवश - |मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस (२४ मई)|
मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस जो माननीय तत्कालीन प्रबंध संचालक श्री लोहानी जी द्वारा शुरू किया था - नहीं मनाया गया अबकी बार और आगे भी नहीं मनाने का निर्णय लिया गया है | मध्य प्रदेश पर्यटन निगम के अधिकारियों ने ये जानकारी अपने माननीय नए चैयरमैन साहब और प्रभारी आदरणीय प्रबंध संचालक को दी | सुन कर बहुत दुःख हुआ |
(पुराने चैयरमैन साहब माननीय श्री ध्रुव नारायण सिंह जी ने पद छोड़ दिया है और प्रंबंध संचालक ट्रैनिंग अवकाश पर गए हुए है )
* अधिकारी लोग प्रभारी आदरणीय प्रबंध संचालक श्री पंकज राग को बताते है कि गर्मी के कारण ये आयोजन नहीं बनाने का निर्णय लिया गया है |
* और नए चैयरमैन साहब माननीय डॉ मोहन यादव साहेब ने कहा है कि मैंने तो अभी एक सप्ताह पहले ही प्रभार लिया है |
* (ये दोनों कथन मैंने गुडगाँव में बैठे एक अखबार में पढ़ा है - फेसबुक के माध्यम से)
अब तो बहुत से सवाल खड़े होते हैं |
* क्या ये उस प्रबंध संचालक आदरणीय श्री लोहानी जी का सीधा अपमान नहीं जिसने यह मध्य प्रदेश पर्यटन दिवस मनाने का निर्णय लिया और एक अच्छी प्रथा की शुरुआत कि थी ?
* क्या गर्मी के कारण का बहना ले कर आधिकारी लोग अपने प्रबंध संचालक और चैयरमैन को गुमराह नहीं कर रहे हैं ?
* गर्मी कि बात कहाँ से आ गयी ? आयोजन तो पांच सितारा होटल जहां-नुमा पैलस में किया जाता है ?
* क्या गर्मी के कारण अपने जन्म दिन को भूल जाएगा ?
* अधिकारीयों ने प्रभारी प्रबंध संचालक को जानकारी दी है कि गत वर्ष यह निर्णय हुआ था कि विश्व पर्यटन दिवश २७ सितम्बर के साथ ही मध्य पर्यटन दिवस भी मनाया जावे .... क्या यह मजाक नहीं लगता ? विश्व पर्यटन दिवश तो मनाना ही पडेगा क्योकि यह तो केंदीय सरकार का आदेश है ?
* क्या यह किसी ख़ास शक्तिशाली अधिकारी के सुझाव के बाद का निर्णय नहीं लगता है जो गत वर्ष रिटायर्मेंट हो गए और स्वयं को लाइफ टाइम का अवार्ड भी ले लिया गया ? और क्या वह नहीं चाहते थे कि आगे इस तरह का आयोजन चले ?
* क्या यह निर्णय उन सभी कर्मठ अधिकारी - कर्मचारी लोगो के लिए दुःख का विषय नहीं जो यह इन्तजार कर रहे थे कि इस दिन को उन्हे इनाम मिलेगा, मुख्य मंत्री जी ट्रोफी / प्रमाण पत्र देंगे ? उनकी भावनायों का क्या होगा ?
* क्या बड़े अधिकारी लोग नहीं चाहते कि दूसरे सभी कर्मठ अधिकारी - कर्मचारी लोगो भी अपने अच्छे कार्यो के लिए प्रोहत्साहन पावें और उनके काम कि कदर होवे ?
* क्या अधिकारी लोग इस तरह क़ी गलत जानकारी अपने नए चैयरमैन और प्रभारी प्रबंध संचालक को दे कर उनको गुमराह नहीं कर रहे हैं ?
* क्या इससे मध्य प्रदेश पर्यटन और मध्य प्रदेश राज्य को जो वर्तमान में / भविष्य मैं जो लाभ मिलता उससे वंचित नहीं होना पडा है ? क्या यह बहुत बड़ी हानि नहीं है ?
* क्या पर्यटन से जुडे लोगों को, पर्यटन से जुडी सस्थानों को मायूसी नहीं उठानी पड रही है जो यहाँ इस दिन आते थे और अपनी बात कहते थे और अपने योगदान के लिए सम्मान पाते थे ?
मैंने नए चैयरमैन साहेब से इस बाबत बात की की है | उन्होने भी माना है कि यह आयोजन होना तो चाहिए था | और कहा कि वह इस बाबत अधिकारियों से बात करेंगे |
बदन सिंह चौहान (रिटायर जनरल मेनेजर - मध्य प्रदेश पर्यटन निगम) मोबाइल नंबर: 8800933250
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