Wednesday, June 24, 2020


ग्राम पंचायतnn – कृपया ध्यान देवें:-

बदन सिंह चौहान
सेवानिवृत्त महा प्रबन्धक महा प्रबन्धक
मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम
निवासी ,

विषय:

प्रिय धीर सिंह,

आप हमारे गांव के अभी तक हुए नवयुवक सरपंचों में से एक है युवा वर्ग को आगे आना होगा और गांव के विकास के लिए काम करने होंगे अनुभव नहीं होते हुए भी आप अच्छा काम करने का प्रयास कर रहें हैं मैं आपके प्रत्येक अच्छे काम के लिए सरहाना करता हूँ मेरी शुभकामनाएं हैं कि आप अपने काम में सफल रहें मैं चाहूंगा कि अनावश्यक कामों से बचें सरपंच की जिम्मेदारी एक चुनौती भरा काम है संयम और समझदारी से आप अपने काम में लगे रहें। 
यह पत्र लिखने का मेरा उद्देश्य कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर ध्यान दिलाने का एक प्रयास है । यह शिकायत पत्र नहीं है ।

1.गाँव के पुराने स्कूल का भवन:-
वर्ष 1910 के दशक में बना यह गाँव का पहला स्कूल का भवन था इसमें हमारे बुजुर्गों ने शिक्षा प्राप्त की थी और 1970 के दशक तक यह स्कूल चलता रहा हम गाँव वालों के दिलों में इसकी यादें अभी भी बसी हुईं हैं परन्तु आज इस भवन की जर्जर होती हुई स्थिति एक खंडहर में बदल गई है ये खंडहर बताते हैं कि इमारत कभी बुलंद थी यहाँ अंत में इन खंडहरों के फोटो भी संलग्न कर रहा हूँ पहले के किसी भी सरपंच ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और शिक्षा विभाग ने इसके छोटे से आंगन में दो नए कमरे बनवा दिए, जिनका आंगन वाड़ी के लिए उपयोग होता है यह नहीं सोचा कि इस पुराने भवन का क्या किया जावे गिरते हुए ये खँडहर, कमरों में भरा हुआ आस पास की नालियों - सीवर का गंदा पानी, और इसमें पड़ा हुआ कुढा - कचरा बीमारियों निमंत्रण दे रहा है   सांप- बिच्छु जैसे जहरीले कीड़े मच्छर आदि का निवास है या गन्दगी चिंता का विषय है कि किन परिस्थियों में ये आँगन वादी कि कार्यकर्ता काम करती हैं इन दो कमरों जहा आस पास जीवन को ख़तरा बना रहता है  
·       कमरों के अंदर और बाहर गाँव की नालियों का / सीवर का पानी इकठ्ठा हो गया है और निरंतर हो रहा है । आस पास का कुढ़ा करकट भी इसी में डाल दिया जाता है । इस कारण वहां बहुत ही ज्यादा बदबू बनी हुई हुई है । रात दिन इस बदबू के कारण आस पास के लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है । राह चलते लोग इसी बदबू में से ही आते जाते हैं । आंगन वाड़ी के कार्यकर्ता किस परिस्थिति में काम करते हैं, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है ।
·       यह स्कूल के खंडहर की वही जगह है जहां पिछले वर्ष एक महिला का शव मिला था । यह स्कूल आस पास के निवासी घरों से घिरा हुआ है । और निरंतर बदबू फैला रहा है और निश्चित ही लोग बीमार होंगे ।
·       इस भवन के खंडहर की ईंटें भी धीरे धीरे गायब हो रही हैं ।दरवाजे, खिड़कीतो गायब हो चुकी हैं और इसी तरह रहा तो इसमें लगा सभी सामान गायब हो जाएगा । अथवा शिक्षा विभाग व ग्राम पंचायत अन्य कोई सुझाव दे कर इस भूमि का सदुपयोग किया जा सकता है ।
a.       अब इसमें इसकी दीवारों का जीर्णोद्धार भी संवभ नहीं हैं । और इसके फर्स को भी कुढ़ा करकट हटवा कर समतल करा कर इस भवन को नया जीवन देना भी कठिन है ।
इसको तो अब गिरा कर, एक सार करके, इसकी चारदीवारी कर दी जावे, ताकि नए बने आंगन वाड़ी कर कमरों के परिसर का विस्तार कर दिया जावे ।
·       इस कार्य को अतिआवश्यक समझ कर शीघ्रतम कार्यवाही करना चाहेंगे । डर यह भी है कि लावारिस पड़ी उस तरह की जमीन को कोई अतिक्रमण नहीं ले ।

2.      प्राईमरी स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के पुराने फर्नीचर को नष्ट (write off) करने बाबत:-
·       दोनो सरकारी स्कूलों में लगभग 15 – 20 वर्षों से पुराना फर्नीचर पड़ा हुआ है। और यह फर्नीचर भवन के 2 से चार कमरों को घेरे हुए है । इन कमरों का कोई उपयोग नहीं हो रहा है । बड़े स्कूल में तो यह स्थिति है कि कभी इस टूटे हुए फर्नीचर को कमरों में, कभी बाहरतो कभी छत पर रख दिया जाता है ।
·       वर्ष 2015 में मेरे द्वारा अक्टूबर 2015 को शिक्षा अधिकारी को पत्र भी लिखा था । मेरे पत्र को शिकायत समझ कर विभाग द्वारा स्कूल प्रिंसिपल का स्पस्टीकरण मांगा गया और जवाब ले करपत्र कोनस्ती कर दिया गया। परंतु इस कवाड़ फर्नीचर का कुछ भी नही किया ।आज भी वहीं पड़ा हुआ है और 3- 4 कमरे घेरे हुए हुए है ।
निवेदन:- कृपया उचित कार्यवाही करना चाहेंगे ।

3.      गाँव की नालियों का प्रबन्ध:-
·       गांव की नालियों का निर्माण बहुत ही अनुचित है ।
·       ऊंचे स्थानों से आने वाले रास्ते में या तो नाली बनाई ही नहीं गई हैं और जहां हैं भी तो आपत्ति जनक हैं । बहुत से लोगों के घर की दीवार से फिट दूर से नाली बना दी गई है ।इसका औचित्य समझ से परे है । बहुत से लोग चाहते ही नहीं कि उनकी दीवार के साथ नाली बहे ।
·       कई लोग नहीं चाहते कि पड़ोस के घर कीनाली का पानी उसकी दीवार की नाली में आए । तो बीचों बीच गली में नाली बना दी गई ।और पड़ोसी के दरवाजे के सामने नाली बना कर सामने की नाली में जोड़ दिया गया । यह मेरे घर के सामने है । यहां एक नाली से काम चल सकता था । परंतु छोटी गली में दो नाली बना दी गई ।
a.       कई बार नाली का काम रात को बजे कराया गया । उस समय ना तो इंजीनयर, ना कोई पंचायत का प्रतिनिधि और ना कोई लंबरदार वहां उपस्थित रहा । रहे तो मात्र ठेकेदार के मजदूर और कुछ घरवाले जिन्होंने अपने घर की दीवार से नाली को दूर कर दिया । और जो लोग वहां उपस्थित नहीं थे
b.      जब गली का पक्कीकरण होता है तो गली समतल होनी होती है । परंतु ऐसा नही है मेरे घर के सामने । मेरे परिवार के जितने भी घर हैं, पूरी गली में 3 घर हैं, नाली इन सभी घरों से सटी हुई है क्योंकि हमारी तरफ ढलान बना दी गई है । गली समतल नही है । सामने ऊंचा और मेरी तरफ से नीचा । क्योंकि गली बनाते समय हम उपस्थित नहीं थे ।
कैसा प्रबंध है यह !
c.       बीच गली में और घेरी की सड़कमें अनेकों जगहों पर बड़ी नाली वर्षों वर्षो से टूटी पड़ी हैं । उनको अभी तक भी ठीक नहीं कराया गया है । और जो भी कुछ थोड़ा बहुत हुआ वह भी कछुआ की चाल से ।
d.      बाहर बड़ी घेरी सड़क पर नालियां पाट दी गई है कई लोगों द्वारा, इसके बारे में पंचायत मौन है । पानी आगे बढ़ता ही नहीं, पास के खेत में चला जाता हैजैसे राजपाल महाशय जी के घर के पास ।
e.       इसी प्रकार चारों तरफ भी ये ही स्थिति है । हत्तलाब तक जाने के लिए नाली रुकी पड़ी है । खौटा में नाली का पानी गिरता ही नहीं ।

4.      खौटा पोखर और दीवाले वाली पोखर में गंदगी:-
·       दोनो पोखरों के किनारों पर गंदगी व कुढ़े के ढेर लगे हुए हैं । बदबू निरन्तर फैली रहती है । बीमारियों को निमंत्रण दे है, निरंतर । यह बहुत ही चिंता का विषय है । कृपया इस विषय को गंभीरता से लिया जाए ।

5.       अतिक्रमण की समस्या:-
·       यह पुरानी समस्या है । बहुत से लोग पंचायत की जगह पर, पोखर की पार पर, गली में अतिक्रमण करने का प्रयत्न करते रहे हैं । जब भी, ऎसी प्रवृति के लोग, मकान की नींव रखते हैं तो पहले तो गली में जगह बढ़ा लेते हैं जितना भी वे बढ़ा सकते हैं । और फिर दरवाजे के सामने ढ़लान बनाएंगे जो गली को छोटी कर देती है ।मैंने बल्कि सबने देखा है चौड़ी चौड़ी गलियां थी, चबूतरे थे, गायब हो गए सब । मेरे घर के सामने कार आ जाती थी, ट्रेक्टर निकल जाया करता था ऊपर से नीचे के रास्ते तक, सब तंग हो गई । गली में घर की नींव बढ़ा बढ़ा कर और आगे, नींव तो बढ़ाई ही, फिर घर के दरवाजे के सामने 3 फिट के ढलान बना दिए दिए गली कहां बचेगी !
        
6.      आज का नज़ारा देखिए बुग्गियों की पार्किंग का         
·       एक तो गली छोटी गई और उसमें भी लोगों की बुग्गी खड़ी रहती हैं एक के बाद एक । ज्यादा तर गोबर भरा रहता है इन बुग्गियों में ।कोई अपनी कार निकलना चाहे तो बड़ी मुश्किल होती है किसी से कहो तो और भी मुश्किल यह भी एक प्रकार का अतिक्रमण ही है गली किसी की निजी संपत्ति नहीं है जो बुग्गी पार्किंग के लिए कब्जा किया जा सके और बुग्गियों में गोबर भरा हुआ - लोगों को आते जाते हुए बहुत परेशानी होती है कृपया इस बारे में आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें । इस प्रवृत्ति को रोका नहीं गया तो आगे जा कर लोग और भी मनमानी करेंगे ।

7.      पेड़ों की कटाई
·       गाँव से राजौलाका को जाने वाली, घुघेरा को जाने वाली और आमरु-दूधौला जाने वाली सड़क पर बहुत पेड़ खड़े रहते थे । अब खाली खाली हो गया है दोनों तरफ पेड़ काट दिए गए हैं अपने खेतों से भी लोग पेड़ों को काट देते हैं किसने काटे ये पेड़, पंचायत के लिए पता लगाना मुश्किल नहीं है पेड़ काटना नियमानुसार अपराध भी है और पर्यावरण के लिए ठीक नहीं है पेड़ काटना

8.      कृषि भूमि पर प्लाट काटना:-
a.       हत्तलाब के पास और गाँव से बनियाकी की तरफ सड़क के पास ही प्लाट जैसे कटे हुए है, अंदर की सड़क भी बनी हुई है । क्या इसकी अनुमति है ? यह भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है । अब ना तो इन प्लाटों पर मकान ही बने हैं और ना ही खेती होती है । यह सीधा नुकसान है ।

9.      सोलर लाइट -
            लाइट का काम जो अधूरा रह गया है , उसको पूरा कराए जाने की कृपा करना चाहेंगे सुनिचित करेंगे कि किसी के निजी आवास खेतों पर ये सोलर लाइट नहीं लगाईं जावे। कई जगह फ़ाउंडेशन तो बना दिया गया है परंतु उसके बाद कुछ नहीं हुआ है ।

10.  पानी की सप्लाई-
·       पानी की सप्लाई बिलकुल भी संतोषजनक नहीं है । गाँव की ऊंची जगह पर पानी की मुख्य पाईप नहीं पहुँचाई गई है । और कई जगह गाँव की पुरानी घेरी पर भी पानी की पाईप नहीं डाली गई हैं । वहाँ पर रह रहे लोगों को पानी लेने के लिए सेकड़ों फिट अलग से पाईप डाल कर मोटर से पानी खींचना पड़ता है । कई कई घंटे मोटर चलती और हजारों रुपयों का बिजली का बिल भर रहें हैं लोग । दूसरी तरफ एक विशेष मोहल्ले में ऊंचे स्थान पर भी मुख्य पाईप बिछा दी गई हैं ।
·       अनेकों लोगों के यहाँ पर नल की टोंटी भी नहीं है । पानी व्यर्थ बहता रहता है ।
·       दूर वाले मकानों मे मोटर से पानी खींचना पड़ता है और हजारों रुपयों का बिजली का बिल आता है । और बहुत जगहों पर पानी व्यर्थ बह रहा है और वहाँ टोंटी भी नहीं लगाई गई हैं ।

11.  BSNLदूरभाष सेवा-
·       दशकों से, बल्कि प्रारम्भ से ही दूरभाष की सेवाएँ ठीक नहीं हैं और आज दिनांक को तो बिलकुल ठप्प हैं । लैंडलाइन फोन तो खत्म हो गए हैं क्योंकि चलते ही नहीं हैं । मोबाइल भी कोई नहीं लेना चाहता BSNL का । इस बारे में आवश्यक कार्यवाही करना चाहेंगे ।

12.  ग्राम सभा की की मीटिंग-
नियमानुसार ग्राम सभा की मीटिंग बुलाई जाती रहना चाहिए । मैंने नहीं देखा कि कभी कोई यह मीटिंग बुलाई गई हो । यदि मात्र औपचारिकता पूर्ण कर ली जाती हो तो यह कागजी कार्यवाही हो सकती है । यह मीटिंग बुलाई जानी चाहिए और लोगों के सुझाव व समस्यों का निदान किया जाना चाहिए । पंचायत के काम में पारदर्शिता रखी जावे । आय-व्यय का विवरण भी ग्राम सभा में रखा जावे ।

13.  ग्राम पंचायत-
ग्राम पंचायत के पंचों को काम का बटवारा कर उनको ज़िम्मेदारी दी जा सकती है । महिला पंचों को सीधे कार्य करने का अवसर दिया जाए । उनके पति या ससुर का दखल बिलकुल भी ना होवे । प्राय: यह देखा जाता रहा हैं कि महिला पंच आज तक पंचायत में जाती ही नहीं है । उसको पता ही नहीं है कि क्या हो रहा है । सरपंच और पंच गाँव के विकास के लिए चुने जाते है । पद प्रतिष्ठा व अहम के लिए ये पद नहीं हैं ।

14.  बिजली के तारों और खंबों की हालत-
हर जगह बिजली के तार बुरी तरह से लटके हुए हैं । मकानों के साथ भी अनेकों जगह ये तार लटके हुए हैं । इन लटकते हुए तारों से घरों में कनैक्शन लिए गए हैं । और प्राय: देखा जा सकता है कि लोग खुद ही इन तारों को छेड़ते रहते हैं और मनमाने ढंग से तार जोड़ते रहते हैं । इन लटकते हुए ताओरोन से हमेशा खतरा बना रहता है कि कहीं कोई दुर्घटना नहीं हो जाए ।

15.  बिजली की चोरी-की आशंका
लटकते हुए तारों से हमेशा आशंका बनी रहती है कि बिजली की चोरी हो जाएगी । जो लोग ईमानदारी से मीटर में कनैक्शन ले कर बिजली जला रहे हैं वे भारी बिल चुका रहे हैं । मेरा खुद का हजारों रुपयों का बिल आता है । जबकि मैं ना तो AC और ना ही हीटर चलता हूँ । और अधिकांश लोगों के बिल 200,ही बिल आते रहे हैं । बहुत लोगों के पास कई कई AC भी हैं व हीटर भी चलते होंगे और यहाँ तक चक्की भी चलती हैं । यह चेक करने वाली बात है कि क्या उन्होने उचित कनैक्शन ले रखे हैं और उनके कितने बिल आते हैं ।

16.  भाई चारा-
पंचायत में भगवान का न्याय बसता है । यह पुराने जमाने की आस्था थी । यदि भाई चारा अच्छा रहे तो सभी लोग सुखी जीवन व्यतीत करेंगे । गुट बाजी खत्म हो जानी चाहिए, यदि गुट बाजी है तो । इससे समाज का विकास नहीं होता है बल्कि दुश्मनी बढ़ती है । गुटबाजी से अपराध भी बढ़ते हैं । हमें इससे बचना चाहिए । इसमें पंचायत साकारात्मक कार्य कर सकती है ।

17.  रख्या से मिट्टी उठवाना-
           

18.  गाँव में साफ सफाई बिकुल नहीं है-
a.      नालियाँ उचित नहीं होने के कारण जगह जगह गलियों के बीचों बीच तक पानी फैला रहता है । नालीयां रुकी पड़ी हुई हैं
b.      कुढ़े करकट के ढेर लगे हुए मिलेते हैं,
अच्छा काम करने के लिए लोगों को समझाना होगा और कुछ कठोर कदम भी उठाने भी पड़ेंगे । और कुछ लोगों कि नाराजगी भी लेनी पद सकती है ।
उपरोक्त लिखा हुआ - मेरी और से यह कोई शिकायत नहीं है और कृपया इसको शिकायत के रूप में नहीं लिया जावे मेरे तो ये सुझाव हैं जिन की ओर आपका ध्यान आकर्षित कराना उचित समझता हूँ  

सप्रेम धन्यवाद ।
बदन सिंह चौहान
प्रति
    
   

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